सात सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन
मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रांतव्यापी आव्हान पर कलेक्टर कार्यालय पर नारेबाजी प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम का ज्ञापन तहसीलदार राकेश अस्थाना को दिया गया।
संघ के जिला अध्यक्ष राजेश गौड़, प्रांतीय महामंत्री हरीश बोयत ने बताया कि आज के प्रदर्शन में काफी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।
सात सूत्रीय मांगे निम्न है।
1अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों की प्रदेश मे कार्यरत एवं सेवानिवृत कर्मचारियों को 2%महंगाई भता /महंगाई राहत 1जनवरी 2026से प्रदान करने के आदेश शीघ्र जारी किए जाए।
2- नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्त के 3वर्ष 70,80, एवं 90%का बंधन हटाया जाए।
उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा भी 12दिसंबर 2019के इस आदेश को निरस्त कर दिया गया है।
3कैशलेश स्वास्थ्य बीमा योजना के आदेश शीघ्र जारी किए जाए।
4- ई अटेंडेंस प्रणाली को समाप्त किया जाए।
5- जिन कर्मचारियों के विकल्प गलती से गलत प्रस्तुत हो गए हैं उसके सुधार हेतु ऑनलाइन पोर्टल पर सुधार करने हेतु विंडो को खोला जाए।
6- तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत लेब टेक्नीशियन को भी अन्य विभागों के समान 2800ग्रेट पे स्वीकृत कर वेतन विसंगति दुर की जाए।
7- सीपीसीटी की बाध्यता अनुकम्पा नियुक्ति एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारीयो की पदोन्नति में समाप्त की जाए। प्रदर्शन का नेतृत्व सरंक्षक शत्रु कल्याने, अपाक्स के जिला अध्यक्ष रमेश यादव ने किया।
ज्ञापन का वाचन पवन शर्मा ने किया। प्रदर्शन में मुख्य रूप से कमलेश सिंह, संदीप धौलपुरे, पूरण कैथवास,बैजू परदेशी, दीपसिंह झानिया, मनोज विश्वकर्मा, राजेश सिंह, प्रभु चौहान, पवन जुलूर, सुनील गौड़, राहुल जगताप, मोहम्मद हनीफ,आदि सम्मिलित थे।
