श्री खजराना गणेश मंदिर में 10 दिवसीय उत्सव 14 सितम्बर से
उत्सव के तहत प्रतिदिन होंगे धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम, लगेगा सवा लाख मोदक का भोग, धार्मिक थीम पर सजेगा मंदिर परिसर
खजराना गणेश मंदिर में आगामी 14 सितम्बर से 10 दिवसीय गणेश उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस गणेश उत्सव आयोजन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने आज मंदिर पहुंचकर 10 दिवसीय गणेश उत्सव की तैयारियों, निर्माण एवं विकास कार्यों तथा श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, स्वच्छता, विद्युत एवं पुष्प सजावट, प्रसाद वितरण, धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम और भगवान श्री गणेश के विशेष श्रृंगार सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की कार्ययोजना पर चर्चा कर उन्हें अंतिम रूप दिया।
इस अवसर पर आयोजित बैठक में नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. परीक्षित झाड़े सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि गणेश उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम और व्यवस्थित दर्शन की सुविधा मिले तथा किसी भी स्तर पर अव्यवस्था की स्थिति निर्मित नहीं हो। उन्होंने मंदिर में चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सिद्धि विनायक अस्पताल से प्रवेश, कालका माता गेट से निकासी
श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए एकांगी मार्ग व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। श्रद्धालुओं को सिद्धि विनायक अस्पताल से गणेशपुरी मार्ग होते हुए मंदिर परिसर में प्रवेश कराया जाएगा। मंदिर के अंदर झिग-झैग एवं स्टेपिंग व्यवस्था से श्रद्धालु भगवान श्री गणेश के दर्शन करेंगे तथा कालका माता मंदिर गेट से निकासी कर खजराना चौराहे की ओर भेजा जाएगा। आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त झिग-झैग, बैरिकेडिंग तथा दिशा-निर्देशक बोर्ड लगाए जाएंगे।
पुलिस एवं यातायात विभाग द्वारा मंदिर पहुंचने और निकासी मार्ग पर विशेष व्यवस्था की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती तथा आवश्यकतानुसार रिजर्व पुलिस बल का सहयोग लिया जाएगा।
धार्मिक थीम पर होगी भव्य विद्युत एवं पुष्प सजावट
गणेश उत्सव के दौरान खजराना गणेश मंदिर परिसर को धार्मिक थीम पर आकर्षक रूप से सजाया जाएगा। मंदिर परिसर, प्रमुख मार्गों, पार्किंग, भवनों एवं मंदिर शिखरों पर विशेष विद्युत सजावट की जाएगी। खजराना चौराहा, रिंग रोड से कालका माता मंदिर गेट होते हुए मंदिर निकासी मार्ग से सिद्धि विनायक अस्पताल तक भी विद्युत सजावट प्रस्तावित है।
मुख्य मंदिर प्रांगण, भगवान श्री गणेश के गर्भगृह, सभा मंडप एवं मूषक स्थल की फूलों से विशेष सजावट की जाएगी। वीआईपी पार्किंग से शनि पट्टी तक आकर्षक कॉरिडोर तथा सेल्फी प्वाइंट भी बनाया जाएगा। भक्तों के स्वागत के लिए अस्थायी स्वागत द्वार भी तैयार किए जाएंगे।
स्वर्ण आभूषणों से होगा भगवान श्री गणेश का विशेष श्रृंगार
गणेश उत्सव के दौरान भगवान श्री गणेश का स्वर्ण आभूषणों से विशेष श्रृंगार किया जाएगा। इसके लिए जिला कोषालय से स्वर्ण आभूषण प्राप्त करने और वापस जमा कराने की व्यवस्था अधिकृत अधिकारियों के माध्यम से की जाएगी। स्वर्ण आभूषणों की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस बल एवं रिजर्व पुलिस बल की तैनाती रहेगी।
उत्सव के दौरान ध्वजा पूजन की व्यवस्था भी की जाएगी। परंपरा के अनुसार प्रातः 10 बजे ध्वजा पूजन प्रस्तावित है। मंदिर के पुजारी एवं पुरोहितों द्वारा अथर्वशीर्ष का निरंतर पाठ किया जाएगा।
सवा लाख मोदक का लगेगा भोग
गणेश उत्सव में प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार भगवान श्री गणेश को सवा लाख मोदक का भोग लगाया जाएगा। यह जनसहयोग से किया जाएगा। भक्तों को मोदक प्रसाद वितरण के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।
उत्सव के दौरान अन्नक्षेत्र में दानदाताओं के सहयोग से विशेष भोजन व्यवस्था भी संचालित की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया जाएगा। मंदिर परिसर में अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती तथा डस्टबिन की संख्या बढ़ाई जाएगी। मंदिर परिसर में जीरो वेस्ट योजना पर कार्य किया जाएगा।
धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ होगा गणेश रथ का नगर भ्रमण
दस दिवसीय उत्सव के दौरान मंदिर प्रबंधन एवं दानदाताओं के सहयोग से धार्मिक, सांस्कृतिक एवं निःशुल्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें धार्मिक नाट्य मंचन, भजन एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होंगे।
खजराना गणेश भगवान के नगर भ्रमण के लिए आकर्षक रथ तैयार किया जाएगा। चल समारोह में शामिल होने वाली झांकी की थीम का चयन किया जा रहा है। चल समारोह में बैंड एवं अखाड़ों की सहभागिता भी रहेगी। झांकी को चल समारोह के बाद तीन दिनों तक मंदिर परिसर में दर्शनार्थ रखा जाएगा।
आगामी 11 से 20 अक्टूबर तक नवदुर्गा उत्सव
बैठक में 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक प्रस्तावित नवदुर्गा उत्सव की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। इस दौरान मां दुर्गा की पूजा-अर्चना, दैनिक आरती, नवग्रह पूजन, षोडश मातृका पूजन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न होंगे। माता की आराधना एवं गरबा सहित धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
