Saturday, September 12, 2026
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहुंचे तीर्थनगरी ओंकारेश्वर प्रधानमंत्री ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बात की जनसुनवाई में विशेष पहल: आवेदकों की सुविधा के लिए इंदौर कलेक्ट्रेट में आवेदन लेखन की विशेष व्यवस्था शासकीय अवकाश वाले दिन भी डाकघरों से राखी बुकिंग की जा सकेगी अगले 24 घंटों के दौरान संभावित वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति बनने की संभावना मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहुंचे तीर्थनगरी ओंकारेश्वर प्रधानमंत्री ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बात की जनसुनवाई में विशेष पहल: आवेदकों की सुविधा के लिए इंदौर कलेक्ट्रेट में आवेदन लेखन की विशेष व्यवस्था शासकीय अवकाश वाले दिन भी डाकघरों से राखी बुकिंग की जा सकेगी अगले 24 घंटों के दौरान संभावित वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति बनने की संभावना
Madhya Pradesh

मतगणना से पहले सट्टा बाजार ने बना दी सरकार

मतगणना से पहले सट्टा बाजार ने बना दी सरकार

मतगणना से पहले सट्टा बाजार ने बना दी सरकार

मध्यप्रदेश में चाहे विधानसभा चुनाव के लिये मतदान हो चुका हो लेकिन जैसे जैसे गुलाबी ठंड की ठिठुरन अपना रंग जमा रही है , चुनाव परिणामों को लेकर बाजार गर्म जरूर बना हुआ है एक और लोग क्षेत्रीय प्रत्याशियों को लेकर जोड घटाओं करते नजर आते है तो वही दूसरी और दोनो प्रमुख राजनीतिक दलो के जीत के प्रति अपने अपने दावे है , लेकिन इस सबसे हटकर मजे की बात ये है कि फलौदी सट्टा बाजार ने विधानसभा चुनाव के परिणाम पहले ही घेषित कर दिये है और मध्यप्रदेश में सरकार भी बना दी है

ये बात अलग है कि चुनाव आयोग ने एक्जिट पोल को लेकर 30 नवंबर तक प्रतिबंध लगा दिया हो लेकिन इससे फलौदी सट्टा बाजार को भला क्या लेना देना सट्टा बाजार ने तो डंके की चोट पर जीत हार के परिणाम आम कर दिये है जो चैापाल और चैाराहो पर राजनीतिक चर्चा का विषय है । कौन प्रत्याशी किस क्षेत्र से जीतेगा , किस पार्टी की सरकार बनेगी, कौन विपक्ष में बैठेगा इस सबको लेकर जनता जनार्दन ने अपने मत के माध्यम से ईवीएम में अपना फैसला कैद कर दिया है जो मतगणना के साथ सामने आयेगा लेकिन फिलहाल फलौदी सट्टा बाजार ने जिस दिन से सत्ता रूपी फल एक पार्टी को दिया है तबसे उसके नेताओं की बांछे खिली हुई है , वे प्रसन्नचित है और जगह जगह सटटा बाजार का जिक्र करते नही थक रहै है मतदान के पूर्व इसी पार्टी के नेता अपनी जीत के प्रति चिंता का सेहरा बांधकर घूम रहै थे

खैर परिणाम जो भी हो सत्ता की चाबी किससे हाथ लगेगी ये तो मतगणना के बाद का विषय है लेकिन सट्टा बाजार ने विजय पराजय के अपने निजी आकलन से कही खुशी और कही गम का माहौल अभी से बना दिया है