लॉयन क्लब मुरैना एलीट ने मनाया ‘केरला उत्सव’
मनोज जैन नायक
मुरैना : भारतवर्ष की विविध संस्कृति एवं परम्पराओं से रूबरू होने के उद्देश्य से लॉयन क्लब मुरैना एलीट द्वारा केरला उत्सव का भव्य आयोजन किया गया । उक्त आयोजन में वृक्षारोपड़ भी किया गया ।
लॉयन क्लब मुरैना एलीट द्वारा समरवेव वॉटर पार्क में रंगारंग ‘केरला उत्सव’ का आयोजन बड़े उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि सभी सदस्यों ने केरल की पारंपरिक वेशभूषा धारण कर वहां की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
क्लब अध्यक्ष लॉयन अंजना शिवहरे ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य सदस्यों को देश की विविध संस्कृति एवं परंपराओं से परिचित कराना था। इस अवसर पर सदस्यों ने केरल के पारंपरिक गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए तथा केरला थीम पर आधारित तम्बोला एवं विभिन्न मनोरंजक खेलों का आनंद लिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने केरल के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी लिया, जिससे सदस्यों को वहां की संस्कृति और खान-पान को करीब से जानने का अवसर मिला।
सामाजिक सरोकार को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रकार के औषधीय, फलदार एवं पुष्पीय पौधों का पौधारोपण भी किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन एवं संयोजन लॉयन अंजना गर्ग ने किया। इस अवसर पर फाउंडर प्रेसिडेंट लॉयन इंजी. नीता बांदिल, पूर्व अध्यक्ष लॉयन भारती मोदी, सचिव लॉयन अनुराधा गर्ग, कोषाध्यक्ष लॉयन अंशुल गोलस, लॉयन ज्योति मोदी, लॉयन मयूरी गुप्ता, लॉयन अनीता तुलसानी, लॉयन कंचन चावला, लॉयन मयूरी बादिल, लॉयन मीरा मंगल, लॉयन प्रभा अग्रवाल, लॉयन रानी मंगल, लॉयन पूजा सिंघल, लॉयन सुरभि, लॉयन नैंसी, लॉयन डॉक्टर संध्या गोयल, लॉयन डॉक्टर शिवानी तोमर, लॉयन रश्मि सिंह, लॉयन मिनी गर्ग, लॉयन दीपिका गर्ग, लॉयन ममता, लॉयन एकता गोयल, लॉयन अनीता गर्ग, लॉयन अंजना कंसाना, लॉयन लता गोयल, लॉयन श्वेता, लॉयन राधा राजोरिया, लॉयन सरिता गर्ग, लॉयन पूजा शर्मा, लॉयन पारुल, लॉयन शिखा गोयल, लॉयन दिशा चावला, लॉयन रानी अग्रवाल ,लॉयन मीरा अग्रवाल, लॉयन सुरभी मित्तल, लॉयन नैन्सी मंगल, लॉयन ममता बंसल, लॉयन श्वेता गोयल, लॉयन पारुल गुप्ता, लॉयन शैली मंगल, लॉयन पूजा सिंघल, लॉयन सिंपल गोयल सहित क्लब के सभी सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता निभाई। कार्यक्रम ने सभी सदस्यों को एक नई सांस्कृतिक अनुभूति प्रदान की और आपसी सौहार्द एवं एकता को भी मजबूत किया।
