यूपी-बिहार समेत 4 राज्यों में MLC चुनाव 2026: आज मतदान, प्रमुख सीटें और सियासी समीकरण क्या कहते हैं?
23 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की कुल 28 विधान परिषद सीटों पर मतदान हो रहा है। यह चुनाव राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है, खासकर यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ वाले इलाकों और बिहार में स्थानीय प्रभावशाली चेहरों के बीच।
मतदान का दायरा और प्रक्रिया
चार राज्यों में अलग-अलग सीटें हैं। उत्तर प्रदेश में 11, बिहार में 8, महाराष्ट्र में 5 और कर्नाटक में 4 सीटों पर वोटिंग चल रही है। कुल मिलाकर सैकड़ों उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदाता सूची में स्नातक, शिक्षक और स्थानीय निकाय सदस्यों जैसी श्रेणियां शामिल हैं, जो विधान परिषद की खासियत है।
सुबह से मतदान केंद्र खुले। पटना में अनंत सिंह समर्थकों और विरोधी खेमे के बीच झड़प की खबरें आईं, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी। यूपी में मतदान अपेक्षाकृत शांत रहा, हालांकि कुछ जगहों पर धीमी रफ्तार देखी गई।
यूपी में सियासी समीकरण
यूपी में सपा और भाजपा के बीच सीधी टक्कर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रभाव वाले क्षेत्रों में भाजपा उम्मीदवार मजबूत माने जा रहे हैं। वहीं अखिलेश यादव की पार्टी ने कुछ सीटों पर फोकस बढ़ाया है। ओमप्रकाश राजभर जैसे नेताओं के बयान भी चर्चा में रहे।
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बिहार का रोमांच
बिहार की 8 सीटों पर सबसे ज्यादा दिलचस्पी है। पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह फैक्टर चर्चा का विषय बना। समर्थकों ने कुछ जगहों पर आतिशबाजी भी की। नीतीश कुमार की जेडीयू, लालू परिवार की आरजेडी और भाजपा-अन्य दल के बीच समीकरण जटिल हैं।
महाराष्ट्र और कर्नाटक
महाराष्ट्र में स्थानीय मुद्दे हावी रहे। कर्नाटक में भी क्षेत्रीय दल सक्रिय दिखे। कुल मिलाकर ये चुनाव आगामी विधानसभा और लोकसभा की रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं।
मतदान प्रतिशत और सुरक्षा व्यवस्था
दोपहर तक कई जगहों पर मतदान प्रतिशत 40-50 प्रतिशत के आसपास रहा। चुनाव आयोग ने सीसीटीवी, अतिरिक्त पुलिस बल और वेबकास्टिंग का इंतजाम किया। किसी बड़ी हिंसा की रिपोर्ट नहीं आई, लेकिन छोटी-मोटी झड़पों पर नजर रखी गई।
उम्मीदवारों की सूची और प्रमुख चेहरे
प्रत्येक राज्य की प्रमुख सीटों पर जाने-माने चेहरे हैं। बिहार में स्थानीय नेता, यूपी में पूर्व विधायक और शिक्षक संघ से जुड़े उम्मीदवार। पूरी सूची और मैनिक्यों के लिए आधिकारिक चुनाव आयोग वेबसाइट देखें।
सियासी विश्लेषकों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि विधान परिषद चुनाव अक्सर स्थानीय प्रभाव और संगठन की ताकत दिखाते हैं। राष्ट्रीय मुद्दे कम हावी होते हैं। इस बार बिजली, रोजगार और किसान मुद्दे भी चर्चा में रहे।
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