Wednesday, September 16, 2026
Latest Post
मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहुंचे तीर्थनगरी ओंकारेश्वर प्रधानमंत्री ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बात की जनसुनवाई में विशेष पहल: आवेदकों की सुविधा के लिए इंदौर कलेक्ट्रेट में आवेदन लेखन की विशेष व्यवस्था शासकीय अवकाश वाले दिन भी डाकघरों से राखी बुकिंग की जा सकेगी अगले 24 घंटों के दौरान संभावित वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति बनने की संभावना मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहुंचे तीर्थनगरी ओंकारेश्वर प्रधानमंत्री ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बात की जनसुनवाई में विशेष पहल: आवेदकों की सुविधा के लिए इंदौर कलेक्ट्रेट में आवेदन लेखन की विशेष व्यवस्था शासकीय अवकाश वाले दिन भी डाकघरों से राखी बुकिंग की जा सकेगी अगले 24 घंटों के दौरान संभावित वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति बनने की संभावना
Others Jharkhand

हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने जीता विश्वास मत

हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने जीता विश्वास मत

हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने जीता विश्वास मत

झारखंड विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में हंगामे के बीच हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने विश्वास मत हासिल कर लिया। मौजूदा विधानसभा में मौजूद 76 सदस्यों में से 45 ने सरकार के पक्ष में मतदान किया। विधानसभा के मौजूदा स्ट्रेंथ के हिसाब से बहुमत के लिए न्यूनतम 39 मतों की जरूरत थी।

भाजपा और आजसू के विधायकों ने वोटिंग के दौरान सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए सदन का बहिष्कार किया। सीएम हेमंत सोरेन ने सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर विश्वास प्रस्ताव पेश किया। इस पर वाद-विवाद के बाद अपराह्न 12 बजकर 20 मिनट पर वोटिंग कराई गई। हेमंत सोरेन ने विश्वास मत पर बहस का जवाब देते हुए कहा कि मेरे सदन में फिर से सीएम के रूप में आने से विपक्ष के पेट में दर्द हो रहा है। ये लोग जिस तरह का आचरण सदन में कर रहे हैं, उससे उनकी हताशा सामने आई है। चुनाव के बाद इनके आधे से ज्यादा विधायक दुबारा सदन में नहीं आएंगे। प्रस्ताव पर बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने सीएम हेमंत सोरेन और उनकी सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि यह दो महीने की सरकार घोटालों के साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से बनी है। नेता प्रतिपक्ष ने इसे ठगबंधन सरकार करार देते हुए कहा कि इसने राज्य की जनता, युवाओं, किसानों, छात्रों, आदिवासियों, दलितों को धोखा दिया है। अमर कुमार बाउरी ने कहा कि 2019 में हेमंत सोरेन ने सरकार बनाने के पहले युवाओं को प्रतिवर्ष पांच लाख लोगों को नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन कुछ हजार नौकरियां भी नहीं दे पाईं। यह चौथा मौका है, जब हेमंत सोरेन बतौर सीएम झारखंड विधानसभा में विश्वास मत परीक्षण में सफल हुए हैं।

सबसे पहली बार 2013 में सीएम बनने के बाद वह फ्लोर टेस्ट में सफल हुए थे। दूसरी बार वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन की जीत के बाद सीएम बने थे और विधानसभा में विश्वास मत जीता था। तीसरी बार उन्होंने पत्थर खदान लीज विवाद में सरकार को राज्यपाल द्वारा बर्खास्त किए जाने की आशंका को देखते हुए 5 सितंबर, 2022 को एक दिन का विशेष सत्र बुलाकर विश्वास मत साबित किया था। ईडी ने हेमंत सोरेन को जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में इसी साल 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था।