डॉ. विजय कुमार कोचर का नाम स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज
इंदौर। चिकित्सा सेवा को मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम बनाने वाले वरिष्ठ चिकित्सक एवं गरीबों के मसीहा के रूप में विख्यात डॉ. विजय कुमार कोचर को उनकी दशकों से चली आ रही निःस्वार्थ जनसेवा के लिए
स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा मान्यता प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट ऑफ रिकॉग्निशन) से बास्केटबॉल स्टेडियम में सम्मानित किया गया।
यह सम्मान पूज्य गच्छाधिपति श्रीमद् विजय विज्ञानप्रभ सूरिश्वरजी म.सा. एवं आचार्य श्री विजय राजचंद्र सूरिश्वरजी म.सा. की पावन निश्रा में प्रदान किया गया।
सम्मान समारोह में उनके सेवा जीवन का उल्लेख करते हुए बताया गया कि सीहोर जिले के कन्नोद मिर्जी गांव से अपनी चिकित्सा यात्रा प्रारंभ करने वाले डॉ. कोचर शुरुआती दिनों में मेडिकल किट लेकर घोड़े पर सवार होकर दूर-दराज़ गांवों में पहुंचते थे और बाद में मोटरसाइकिल से भी अपनी सेवा निरंतर जारी रखी। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद मरीजों का वर्षों तक निःस्वार्थ उपचार किया और सदैव इस सिद्धांत पर कार्य किया कि “रुपया कमाना उद्देश्य नहीं, प्राण बचाना उद्देश्य है।”
स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने उनके इसी समर्पण, करुणा एवं मानव सेवा की भावना को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उन्हें “मानवता सेवा सम्मान” से अलंकृत किया। 82 वर्षीय डॉ कोचर ने उनके द्वारा 50 वर्षों से की जा रही नि: शुल्क चिकित्सा की विस्तार से जानकारी देते हुए, सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर डॉ. प्रकाश बांगानी, यशवंत जैन, स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के संस्थापक वीरेंद्र कुमार जैन, कांतिलाल बम, कीर्ति दोशी, पुण्यपाल सुराणा तथा विवेक जैन ने डॉ. विजय कुमार कोचर का शॉल एवं सम्मान-पत्र प्रदान कर अभिनंदन किया। उपस्थित जनों ने जोरदार तालियों के साथ उनका स्वागत किया और उनके सेवा कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की।
