अभिनेत्री सारिका दीक्षित के अभिनय ने दर्शकों को किया भावविभोर
संतोष क्रांति फाउंडेशन के बैनर तले रंगलीला आर्ट ऑफ गैलरी द्वारा प्रस्तुत एकल नाटक में अभिनेत्री सारिका दीक्षित द्वारा आज की द्रौपदी का लाइव परफॉर्मेंस किया गया। शहर के एक निजी होटल में आयोजित इस प्रस्तुति ने दर्शकों को न केवल भावुक किया, बल्कि नारी सम्मान, स्वाभिमान और न्याय जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर गंभीर चिंतन के लिए भी प्रेरित किया।सारिका दीक्षित ने अपने सशक्त अभिनय, प्रभावपूर्ण संवाद-अदायगी और जीवंत मंच प्रस्तुति से महाभारत की द्रौपदी के चरित्र को आधुनिक संदर्भों से जोड़ते हुए यह संदेश दिया कि आज की नारी अब अन्याय सहने वाली नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए स्वयं खड़ी होने वाली शक्ति है। निर्देशक पंकज उपाध्याय के निर्देशन मेंनाटक के दौरान द्रौपदी के चीरहरण प्रसंग, अन्याय के विरुद्ध उसके तीखे प्रश्न और आत्मसम्मान की पुकार ने दर्शकों को भावुक कर दिया। कई अवसरों पर पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और उपस्थित दर्शकों ने कलाकार की प्रस्तुति की मुक्त कंठ से सराहना की।इस नाटक के निर्माता एवं परिकल्पना- विनायक सिंह थे। लेखन- सारिका दीक्षित ने किया।निर्देशन – डॉ. पंकज उपाध्याय ने किया।कलाकार – सारिका दीक्षित (द्रौपदी )रुप्पल मंडलोई (दु:शाशन )अविरूप मंडलोई – (कृष्ण )प्रकाश -देवसिंह बन्नासंगीत – अजहर कुरैशीड्रेस स्टाइलिंग – वर्षा उपाध्याय,मेकअप – निधी वर्मामंच सज्जा -नैपथ्य ( बैक स्टेज ) – सार्थक उपाध्याय, अमृता दीक्षित।
