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शिशु कुंज इंटरनेशनल स्कूल : खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी कमियों के कारण बंद भोजन कक्ष को मिली सशर्त अनुमति

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शिशु कुंज इंटरनेशनल स्कूल में विद्यार्थियों के अस्वस्थ होने की घटना के उपरांत खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा विद्यालय का विस्तृत निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी विभिन्न कमियां पाए जाने पर विद्यालय प्रबंधन को सुधार सूचना पत्र (Improvement Notice) जारी कर निर्धारित अवधि में सभी कमियों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।
प्रारंभिक जांच एवं उपलब्ध परीक्षण प्रतिवेदनों के आधार पर प्रथम दृष्टया यह तथ्य सामने आया था कि विद्यार्थियों के अस्वस्थ होने की घटना भोजन निर्माण में उपयोग किए जा रहे पेयजल में हानिकारक जीवाणुओं (E. coli एवं Coliform Bacteria) की उपस्थिति से संबंधित प्रतीत हुई। उक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए एहतियातन विद्यालय के भोजन कक्ष (Mess/Kitchen) का संचालन तत्काल बंद कराया गया था तथा सभी आवश्यक सुधार पूर्ण होने तक भोजन निर्माण गतिविधियां स्थगित रखने के निर्देश दिए गए थे।
निर्धारित अवधि के भीतर विद्यालय प्रबंधन द्वारा सुधार सूचना पत्र के अनुपालन में विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें निरीक्षण के दौरान इंगित की गई सभी कमियों का निराकरण किए जाने का उल्लेख किया गया था।
विद्यालय प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत अनुपालन प्रतिवेदन के भौतिक सत्यापन हेतु कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के निर्देशानुसार एक संयुक्त दल का गठन किया गया, जिसमें खाद्य सुरक्षा अधिकारी, चिकित्सक तथा पालक-शिक्षक संघ (PTA) के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया। संयुक्त दल द्वारा विगत 20 जुलाई 2026 को विद्यालय का निरीक्षण कर सुधार सूचना पत्र में उल्लिखित प्रत्येक बिंदु का स्थल पर भौतिक सत्यापन किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा निरीक्षण के दौरान बताई गई कमियों का संतोषजनक रूप से निराकरण कर लिया गया है।
विद्यालय प्रबंधन द्वारा भोजन निर्माण में उपयोग किए जा रहे पानी की परीक्षण रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। उक्त रिपोर्ट के परीक्षण एवं पुष्टि के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा प्रशासन की उपस्थिति में मान्यता प्राप्त (NABL Accredited) प्रयोगशाला के प्रतिनिधि द्वारा विद्यालय परिसर से पुनः पेयजल के नमूने संग्रहित कर परीक्षण कराया गया। विद्यालय द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन तथा खाद्य सुरक्षा प्रशासन की उपस्थिति में कराए गए स्वतंत्र परीक्षण, दोनों में ही पेयजल के नमूनों में E. coli एवं Coliform Bacteria की उपस्थिति नहीं पाई गई, जिससे विद्यालय में उपयोग किए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता निर्धारित सूक्ष्मजीवविज्ञान मानकों के अनुरूप संतोषजनक पाई गई।
उक्त भौतिक सत्यापन एवं जल परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आज 30 जुलाई 2026 को खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा विद्यालय का पुनः निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में सभी आवश्यक सुधार संतोषजनक पाए जाने पर शिशु कुंज इंटरनेशनल स्कूल के भोजन कक्ष (Mess/Kitchen) को सशर्त रूप से पुनः प्रारंभ करने की अनुमति प्रदान की गई।
विद्यालय प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों एवं विनियमों का पूर्णतः पालन करते हुए ही भोजन निर्माण, भंडारण एवं वितरण का कार्य किया जाएगा। साथ ही मेस एवं किचन की स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल की गुणवत्ता, फूड हैंडलर्स की मेडिकल फिटनेस, नियमित पेस्ट कंट्रोल, खाद्य पदार्थों का वैज्ञानिक एवं सुरक्षित भंडारण तथा अन्य सभी खाद्य सुरक्षा मानकों का निरंतर पालन सुनिश्चित किया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन को यह भी निर्देशित किया गया है कि समय-समय पर भोजन निर्माण में उपयोग किए जाने वाले पानी की गुणवत्ता की जांच, फूड हैंडलर्स के स्वास्थ्य परीक्षण तथा अन्य आवश्यक मानकों का नियमित परीक्षण कराते हुए उनके अभिलेख अद्यतन रखे जाएं तथा खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा किए जाने वाले निरीक्षणों में पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाए।
निरीक्षण के दौरान अभिभावकों द्वारा जिला प्रशासन के समक्ष यह मांग भी रखी गई थी कि जिस अवधि में विद्यालय का भोजन कक्ष बंद रहने के कारण विद्यार्थियों के लिए भोजन का निर्माण नहीं किया गया, उस अवधि का भोजन शुल्क विद्यार्थियों से न लिया जाए। उक्त मांग को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा विद्यालय प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके अनुपालन में विद्यालय प्रबंधन द्वारा सहमति व्यक्त करते हुए निर्णय लिया गया कि भोजन कक्ष बंद रहने की अवधि का भोजन शुल्क विद्यार्थियों से नहीं लिया जाएगा तथा इस संबंध में समस्त अभिभावकों को विधिवत सूचना भी प्रदान की जाएगी।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। विद्यालयों, छात्रावासों एवं अन्य संस्थानों में संचालित भोजन कक्षों का नियमित निरीक्षण भविष्य में भी जारी रहेगा तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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