Saturday, September 12, 2026
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहुंचे तीर्थनगरी ओंकारेश्वर प्रधानमंत्री ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बात की जनसुनवाई में विशेष पहल: आवेदकों की सुविधा के लिए इंदौर कलेक्ट्रेट में आवेदन लेखन की विशेष व्यवस्था शासकीय अवकाश वाले दिन भी डाकघरों से राखी बुकिंग की जा सकेगी अगले 24 घंटों के दौरान संभावित वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति बनने की संभावना मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहुंचे तीर्थनगरी ओंकारेश्वर प्रधानमंत्री ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बात की जनसुनवाई में विशेष पहल: आवेदकों की सुविधा के लिए इंदौर कलेक्ट्रेट में आवेदन लेखन की विशेष व्यवस्था शासकीय अवकाश वाले दिन भी डाकघरों से राखी बुकिंग की जा सकेगी अगले 24 घंटों के दौरान संभावित वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति बनने की संभावना
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आतंकवाद दुनिया के लिए गंभीर खतरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

आतंकवाद दुनिया के लिए गंभीर खतरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

आतंकवाद दुनिया के लिए गंभीर खतरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को दुनिया के लिए गंभीर खतरा बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आतंकवाद वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है। इसका सामना करने के लिए मानवता में विश्वास रखने वाली ताकतों को मिलकर काम करना होगा। साथ ही साइबर, समुद्री और अंतरिक्ष के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को भी मजबूत करना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन बोल रहे थे


शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत ने हमेशा ASEAN की एकता और केंद्रीयता का समर्थन किया है। ASEAN भारत के इंडो-पैसिफिक विजन और क्वाड सहयोग के केंद्र में भी है। भारत की “इंडो-पैसिफिक महासागरों की पहल” और ‘इंडो-पैसिफिक पर आसियान आउटलुक” के बीच गहरी समानताएं हैं। एक स्वतंत्र, खुला, समावेशी, समृद्ध और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक पूरे क्षेत्र की शांति और प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है। दक्षिण चीन सागर की शांति, सुरक्षा और स्थिरता पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के हित में है।’ पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे संघर्षों का सबसे ज्यादा नकारात्मक असर ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ रहा है। हर कोई चाहता है कि यूरेशिया हो या पश्चिम एशिया, जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल हो। मैं बुद्ध की धरती से आता हूं और मैंने बार-बार कहा है कि यह युद्ध का युग नहीं है। समस्याओं का समाधान युद्ध के मैदान से नहीं निकल सकता। संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करना जरूरी है। मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देनी होगी। विश्वबधु का दायित्व निभाते हुए भारत इस दिशा में हरसंभव योगदान देता रहेगा।” शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तूफान यागी से प्रभावित लोगों के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की