535 किलो संदिग्ध खाद्य पदार्थ जप्त, डेयरी में खाद्य निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया
मिलावट एवं अमानक खाद्य पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार तथा कलेक्टर इंदौर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु लगातार निरीक्षण एवं नमूना कार्रवाई की जा रही है।
प्रदेशभर में दूध एवं दूध से निर्मित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच हेतु विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत अन्य राज्यों से मध्यप्रदेश में आने वाले दूध एवं दुग्ध उत्पादों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान के दौरान बाहरी राज्यों से आने वाले कुछ घी ब्रांडों के नमूने अमानक पाए जाने पर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, मध्यप्रदेश द्वारा संबंधित ब्रांडों के विरुद्ध विशेष नमूना कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
इसी क्रम में आज दिनांक 10 अगस्त 2026 को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल द्वारा सिंध डेयरी फार्म, 8 चंदन भवन, 7 मुराई मोहल्ला, इंदौर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान पर प्रभारी श्री दीपेश गुरनानी उपस्थित पाए गए। परिसर के निरीक्षण में पाया गया कि यहां पनीर, दही एवं घी का निर्माण किया जाता है तथा दूध, दही, पनीर, घी आदि खाद्य पदार्थों का थोक एवं रिटेल विक्रय किया जाता है।
निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान प्रभारी द्वारा खाद्य अनुज्ञप्ति प्रस्तुत की गई, जो खाद्य पदार्थों के निर्माण हेतु वैध नहीं पाई गई तथा केवल थोक एवं रिटेल विक्रय हेतु वैध पाई गई। परिसर में घी प्लेन टिन में रखा हुआ पाया गया, जिस पर खाद्य पदार्थ से संबंधित आवश्यक जानकारी अंकित नहीं थी। प्रतिष्ठान प्रभारी द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा कभी-कभी घी का निर्माण किया जाता है, जबकि मौके पर रखा घी बाहर से खरीदकर विक्रय हेतु मंगवाया गया है। उक्त घी की खरीदी संबंधी कोई बिल भी प्रतिष्ठान प्रभारी द्वारा प्रस्तुत नहीं किया गया।
मौके से घी एवं पनीर के 2 नमूने जांच हेतु लिए गए। घी एवं पनीर की गुणवत्ता संदिग्ध होने की आशंका के चलते लगभग 149 किलोग्राम घी एवं 103 किलोग्राम पनीर, कुल 252 किलोग्राम खाद्य पदार्थ, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹1.50 लाख है, को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक जप्त किया गया।
चूंकि परिसर में खाद्य पदार्थों के निर्माण हेतु वैध अनुज्ञप्ति उपलब्ध नहीं पाई गई, अतः प्रतिष्ठान में किए जा रहे खाद्य पदार्थों के निर्माण कार्य को वैध निर्माण अनुज्ञप्ति प्राप्त होने तक तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया तथा आवश्यक निर्देश दिए गए।
इसी विशेष अभियान के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के एक अन्य दल द्वारा नारायण इंटरप्राइजेज, पालदा बारदान मंडी, इंदौर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान किंग घी एवं राधा माधव घी के कुल 2 नमूने जांच हेतु लिए गए। साथ ही मौके पर रखे 15 किलोग्राम क्षमता के 17 डिब्बों में लगभग 255 किलोग्राम घी, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1,53,000 है, को गुणवत्ता संदिग्ध होने के कारण जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक जप्त किया गया।
इसी क्रम में सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायत के आधार पर जेल रोड, इंदौर स्थित रतलाम नमकीन कॉर्नर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं के संबंध में प्रतिष्ठान को सुधार सूचना पत्र (Improvement Notice) जारी किया जा रहा है। साथ ही शिकायत के आधार पर जांच हेतु समोसे एवं सलाद/चटनी के 2 नमूने लिए गए, जिन्हें परीक्षण हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जा रहा है।
एक अन्य कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल द्वारा सियागंज क्षेत्र स्थित मैसर्स कमलेश ट्रेडर्स, संचालक कमलेश गुप्ता, का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान महीसागर घी, निर्माता तिरुपति फूड प्रोडक्ट, गांधीनगर, गुजरात, का नमूना जांच हेतु लिया गया। घी की गुणवत्ता संदिग्ध होने के आधार पर लगभग 28 किलोग्राम घी (56 यूनिट) को मौके पर सील कर जप्त किया गया। नमूना जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
इसके अतिरिक्त FoSCoS पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर कैलाश पार्क कॉलोनी, बड़ी ग्वालटोली स्थित आशुतोष बॉयज हॉस्टल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान रॉ मैटेरियल एवं तैयार खाद्य पदार्थों के कुल 3 नमूने जांच हेतु लिए गए। साथ ही हॉस्टल संचालक को परिसर में साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इस प्रकार आज की कार्रवाई में विभिन्न प्रतिष्ठानों से घी, पनीर एवं अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने जांच हेतु लिए गए तथा कुल लगभग 535 किलोग्राम संदिग्ध खाद्य पदार्थ जिनकी अनुमानित कीमत 3 लाख रूपये से अधिक है जप्त किए गए।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने हेतु विशेष अभियान के अंतर्गत इस प्रकार की निरीक्षण एवं नमूना कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
सभी लिए गए खाद्य नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा उसके अधीन बनाए गए नियमों के अनुसार आवश्यक अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
