एशियन पैरा गेम्स 2026: भारत ने 100 मेडल पार किए, संदीप और हेनी जैसे खिलाड़ियों के वर्ल्ड रिकॉर्ड
जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा एथलीट्स ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। संदीप और हेनी के विश्व रिकॉर्ड प्रदर्शनों ने भारत को 100 पदकों का आंकड़ा पार करवा दिया। देश की कुल पदक संख्या इस दिन 100 से ऊपर पहुंच गई, जिसमें स्वर्ण, रजत और कांस्य शामिल हैं। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा, जबकि चीन शीर्ष पर बना हुआ है। यह उपलब्धि भारतीय पैरा स्पोर्ट्स के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। पिछले संस्करण (हांग्जो) में भारत ने 111 पदक जीते थे। इस बार टीम उस रिकॉर्ड को छूने या पार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
संदीप का शानदार विश्व रिकॉर्ड
नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में पुरुषों की 400 मीटर टी64 फाइनल में संदीप ने 52.28 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने टी44 श्रेणी का नया विश्व रिकॉर्ड भी बना डाला। सऊदी अरब के नूर अलसाना ने 53.13 सेकंड के साथ रजत हासिल किया, जबकि भारतीय अजय कुमार ने 53.61 सेकंड में कांस्य पदक जीता और गेम्स रिकॉर्ड बनाया। संदीप ने दौड़ की शुरुआत से ही बढ़त बनाई और अंत तक उसे बनाए रखा। उनका यह प्रदर्शन व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ से भी बेहतर था। इस जीत ने भारत को 100 पदकों के करीब पहुंचाया।
हेनी का जैवलिन में विश्व रिकॉर्ड
उसी स्टेडियम में हेनी ने पुरुषों की जैवलिन थ्रो एफ37/38 स्पर्धा में 60.49 मीटर का थ्रो कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह विश्व रिकॉर्ड था और उन्हें 1116 रजा अंक मिले। ईरान के होर्मोज सेइदीकाजपौनजी ने 50.68 मीटर के साथ रजत तथा चीन के यू चेंगजी ने 53.66 मीटर (एशियाई रिकॉर्ड) के साथ कांस्य हासिल किया। हेनी का यह प्रदर्शन टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) एथलीट के रूप में उनकी मेहनत का नतीजा था। इन दोनों गोल्ड मेडल्स ने भारत को आधिकारिक तौर पर 100 पदकों का आंकड़ा पार करवाया।
अन्य प्रमुख उपलब्धियां
बैडमिंटन में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। नितेश कुमार ने पुरुष एकल एसएल3 फाइनल में हमवतन प्रमोद भगत को 21-18, 21-16 से हराकर स्वर्ण जीता। प्रमोद को रजत मिला। नवीन शिवकुमार ने पुरुष एकल एसएल4 में इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान को हराकर गोल्ड हासिल किया। तीरंदाजी में हरविंदर सिंह और विजय सुंदी की जोड़ी ने रिकर्व पुरुष डबल में स्वर्ण पदक जीता। शूटिंग में मोना अग्रवाल ने भी विश्व रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। इन प्रदर्शनों ने दिन को यादगार बना दिया।
पदक तालिका और भारत की स्थिति
23 अक्टूबर की अपडेट के अनुसार भारत के पास लगभग 26 स्वर्ण, 33 रजत और 43 कांस्य सहित 100 से अधिक पदक थे। चीन स्पष्ट रूप से आगे था। जापान और उज्बेकिस्तान भी मजबूत स्थिति में रहे। भारत पैरा एथलेटिक्स, बैडमिंटन, आर्चरी और शूटिंग में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। पिछले सर्वश्रेष्ठ 111 पदकों को पार करने के लिए टीम को अभी कुछ और मेडल की जरूरत है। प्रतियोगिता के अंतिम दिनों में और पदक मिलने की उम्मीद है।
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भारतीय पैरा एथलीट्स की मेहनत और समर्थन
ये उपलब्धियां वर्षों की कड़ी मेहनत, कोचिंग और सरकारी-निजी समर्थन का परिणाम हैं। टॉप्स स्कीम, खेल प्राधिकरण ऑफ इंडिया (एसएआई) और पैरा ऑलिंपिक कमेटी ऑफ इंडिया का सहयोग खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद कर रहा है। कई खिलाड़ी व्यक्तिगत चुनौतियों को पार कर रिकॉर्ड बना रहे हैं।
आगे की चुनौतियां और संभावनाएं
गेम्स अभी जारी हैं। एथलेटिक्स, बैडमिंटन और अन्य स्पर्धाओं में और पदक मिल सकते हैं। भारत का लक्ष्य न सिर्फ पदक संख्या बढ़ाना बल्कि गुणवत्ता वाले प्रदर्शन और भविष्य के पैरालंपिक के लिए अनुभव हासिल करना है। विश्व रिकॉर्ड तोड़ना आत्मविश्वास बढ़ाता है।
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एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन गर्व का विषय है। संदीप, हेनी, नितेश, नवीन, हरविंदर, मोना और अन्य एथलीट्स ने न सिर्फ पदक जीते बल्कि रिकॉर्ड भी तोड़े। यह उपलब्धि पैरा स्पोर्ट्स में भारत की बढ़ती ताकत को दर्शाती है।







