मध्य प्रदेश में रेल नेटवर्क का विस्तार: अब तक 33 जोड़ी नई गाड़ियों का परिचालन
भारतीय रेल द्वारा मध्य प्रदेश राज्य में रेल यात्रियों की सुविधा और यात्रा मांग को पूरा करने के लिए निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं। रेल, सूचना और प्रसारण एवं इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा राज्य सभा में मध्य प्रदेश के विभिन्न स्टेशनों से गुजरने वाली गाड़ियों के अतिरिक्त, 1 अप्रैल 2023 से 30 जून 2026 की अवधि के दौरान कुल 33 जोड़ी (आरंभिक/समाप्ति आधार पर) नई गाड़ियों का परिचालन शुरू किया गया है, जिसमें वंदे भारत एक्सप्रेस, मेमू और पैसेंजर गाड़ियाँ शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, 22 जुलाई 2026 की स्थिति के अनुसार, भारतीय रेल नेटवर्क पर परिचालित 162 वंदे भारत ट्रेन सेवाओं (चेयर कार) में से 10 वंदे भारत सेवाएँ मध्य प्रदेश राज्य में स्थित स्टेशनों की आवश्यकताओं को पूरा कर रही हैं। इसी प्रकार, संपूर्ण भारतीय रेल नेटवर्क पर चल रही 72 अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाओं में से 14 अमृत भारत सेवाएँ भी मध्य प्रदेश के यात्रियों के लिए उपलब्ध हैं।
यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त स्थान प्रदान करने के अपने निरंतर प्रयास में, भारतीय रेल त्योहारों, छुट्टियों और अतिरिक्त भीड़भाड़ के दौरान विशेष गाड़ी सेवाएँ भी परिचालित करती है। इसके साथ ही यात्रियों के विभिन्न वर्गों के लिए अतिरिक्त स्थान का सृजन करने के वास्ते गाड़ियों में सवारी डिब्बों की संख्या स्थायी और अस्थायी आधार पर बढ़ाई जाती है। इसी कड़ी में, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारतीय रेल नेटवर्क पर लगभग 80,500 विशेष गाड़ियाँ चलाई गई हैं और गाड़ी सेवाओं के संवर्धन के लिए स्थायी आधार पर लगभग 870 सवारी डिब्बों का उपयोग किया गया है। रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नई रेल सेवाओं की शुरुआत और गाड़ियों का संवर्धन एक सतत प्रक्रिया है, जो परिचालनिक व्यवहार्यता, संसाधन उपलब्धता और यातायात औचित्य पर निर्भर करती है।
