Wednesday, September 16, 2026
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहुंचे तीर्थनगरी ओंकारेश्वर प्रधानमंत्री ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बात की जनसुनवाई में विशेष पहल: आवेदकों की सुविधा के लिए इंदौर कलेक्ट्रेट में आवेदन लेखन की विशेष व्यवस्था शासकीय अवकाश वाले दिन भी डाकघरों से राखी बुकिंग की जा सकेगी अगले 24 घंटों के दौरान संभावित वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति बनने की संभावना मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहुंचे तीर्थनगरी ओंकारेश्वर प्रधानमंत्री ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बात की जनसुनवाई में विशेष पहल: आवेदकों की सुविधा के लिए इंदौर कलेक्ट्रेट में आवेदन लेखन की विशेष व्यवस्था शासकीय अवकाश वाले दिन भी डाकघरों से राखी बुकिंग की जा सकेगी अगले 24 घंटों के दौरान संभावित वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति बनने की संभावना
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SHINE: महिलाओं को सशक्त बनाने में मील का पत्थर

SHINE: महिलाओं को सशक्त बनाने में मील का पत्थर

SHINE: महिलाओं को सशक्त बनाने में मील का पत्थर

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, भारत सरकार के भोपाल शाखा कार्यालय द्वारा 10-11 जुलाई 2026 को एक विशेष दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण BIS की नई पहल ‘शाइन – मानको द्वारा सशक्त महिला का उजियारा अभियान के तहत स्व सहायता समूहों के लिए आयोजित किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य भारतीय मानकों और मानक चिह्न वाले उत्पादों के उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) भारत का राष्ट्रीय मानक निकाय है। देश में गुणवत्तापूर्ण इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए BIS उद्योगों, सरकारी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, उपभोक्ताओं और समुदाय-आधारित संगठनों सहित विभिन्न हितधारकों के बीच भारतीय मानकों को बढ़ावा देने और जागरूकता फैलाने का कार्य लगातार करता रहता है।

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उद्घाटन सत्र के दौरान, भोपाल शाखा कार्यालय के निदेशक एवं प्रमुख मोहम्मद रिज़वान ने ‘SHINE’ पहल के दूरदर्शी उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे यह अभियान महिलाओं को सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम में आशुतोष राय ने BIS और उसकी विभिन्न गतिविधियों के बारे में संक्षिप्त रूप से प्रकाश डाला।

दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों से संबंधित महत्वपूर्ण मानकों पर चर्चा की गई, जिनमें शिशु देखभाल और खिलौनों की सुरक्षा, स्वच्छता उत्पाद और रसोई सुरक्षा,   मेडिकल टेक्सटाइल, स्वास्थ्य उत्पाद और सेनेटरी नैपकिन  आदि शामिल हैं:

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ.ए.के. बिस्वास, श्री दीपक जोशी और श्री श्रीधर पांडेय ने मुख्य फैकल्टी के रूप में भाग लिया और संकायों को तकनीकी व व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षित किया।

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इस प्रशिक्षण को प्राप्त करने के बाद, सभी प्रशिक्षक  अब ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को प्रशिक्षित करेंगे। वे इन समूहों को उत्पादों की गुणवत्ता से जुड़ी तकनीकी जानकारी देंगे ताकि स्वयं सहायता समूह उच्च और मानक गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार कर सकें।

गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित उत्पाद बेचने से स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को न केवल बाजार में बेहतर पहचान मिलेगी, बल्कि वे एक अच्छी खासी राशि अर्जित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगे।