संत गजानन महाराज का 150वां प्रकट दिवस 17 फरवरी को
केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आयुष मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने भारत सरकार से पूज्य संत श्री संत गजानन महाराज के 150वें प्रकट दिवस के उपलक्ष्य में 150 रुपये का स्मारक सिक्का और एक स्मारक डाक टिकट जारी करने का आग्रह किया है। मंत्री जाधव ने वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण, संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत को संबोधित पत्रों में संबंधित मंत्रालयों से प्रस्ताव पर विचार करने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया।
श्री जाधव ने अपने पत्रों में लिखा कि श्री संत गजानन महाराज फरवरी 1878 में महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के शेगांव में पहली बार प्रकट हुए थे। वे महाराष्ट्र और भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत में एक पूजनीय स्थान रखते हैं। तब से, शेगांव भारत के प्रमुख तीर्थ केंद्रों में से एक के रूप में विकसित हुआ है। शेगांव में देश और विदेश से श्रद्धालु आते हैं।
मंत्री ने कहा कि संत गजानन महाराज का जीवन और शिक्षाएं आध्यात्मिकता, भक्ति, करुणा, निस्वार्थ सेवा और मानव कल्याण के संदेश के माध्यम से पीढ़ियों को प्रेरित करती हैं। संत के जीवन और शिक्षाओं का विवरण पूज्यनीय धार्मिक ग्रंथ श्री गजानन विजय में मिलता है। इस ग्रंथ का उनके अनुयायियों के बीच विशेष स्थान है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, ग्रामीण विकास, सामाजिक कल्याण और मानव सेवा के क्षेत्रों में श्री गजानन महाराज संस्थान, शेगांव के महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे शेगांव की आध्यात्मिक और सामुदायिक सेवा के केंद्र के रूप में पहचान और मजबूत होती है। उन्होंने आगे कहा कि प्रस्तावित पहल श्री संत गजानन महाराज को एक उपयुक्त राष्ट्रीय श्रद्धांजलि होगी और उनके जीवन और शिक्षाओं से प्रेरित लाखों भक्तों की आस्था और भावनाओं का सम्मान होगी।
मंत्री जी ने अपने पत्र में आयुष मंत्रालय के तत्वाधान में आयोजित राष्ट्रीय आरोग्य मेले के उद्घाटन हेतु 25 फरवरी 2026 को भारत के राष्ट्रपति की शेगांव यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की यात्रा आध्यात्मिकता, संस्कृति और जनसेवा के केंद्र के रूप में शेगांव के महत्व को दर्शाती है।
मंत्री जी ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार किया जाएगा और श्री संत गजानन महाराज की चिरस्थायी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को उचित राष्ट्रीय मान्यता प्रदान की जाएगी।
