CrimeMadhya Pradesh

जबलपुर में साइबर धोखाधड़ी की 3,400 से अधिक शिकायतें दर्ज; ₹35 करोड़ का हुआ वित्तीय नुकसान: रिपोर्ट्स

Spread the love

आई4सी (I4C) और एनसीआरपी (NCRP) की विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, जबलपुर साइबर ठगी का एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। साल 2025 में यहां साइबर धोखाधड़ी की 3,420 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें लोगों को करीब ₹34.81 करोड़ का नुकसान हुआ। ये आंकड़े बताते हैं कि ऑनलाइन ठगी और डिजिटल फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
पूरे मध्य प्रदेश में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। साल 2025 में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की 55,659 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें लोगों को करीब ₹581 करोड़ का नुकसान हुआ। हालांकि, समय पर कार्रवाई के चलते अधिकारियों ने ₹137 करोड़ से ज्यादा की रकम फ्रीज कर लोगों के पैसे बचाने में सफलता हासिल की।
बजाज फाइनेंस की “नॉकआउट डिजिटल फ्रॉड” जागरूकता मुहिम के दौरान जबलपुर के सीएसपी (साइबर क्राइम) अंजुल मिश्रा ने लोगों से सोशल मीडिया पर मिलने वाले फर्जी निवेश ऑफर से सावधान रहने और किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी निजी या बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी किसी के साथ भी हो सकती है, इसलिए इसे शर्म की बात नहीं समझना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। ऐसा करने से ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि 1930 साइबर और डिजिटल धोखाधड़ी की शिकायतों के लिए सरकार की समर्पित हेल्पलाइन है।
इस मौके पर जबलपुर की टीआई (साइबर क्राइम) भावना तिवारी ने कहा, “किसी भी अनजान नंबर या ईमेल आईडी से भेजे गए लिंक, ऐप या अन्य फाइल को अपने मोबाइल या लैपटॉप में डाउनलोड नहीं करना चाहिए। अगर गलती से किसी मैसेज के जरिए कोई संदिग्ध लिंक या एपीके (APK) फाइल डाउनलोड हो जाए, तो तुरंत इंटरनेट बंद कर दें या फोन को फ्लाइट मोड पर कर दें, क्योंकि एपीके फाइलें इंटरनेट चालू रहने पर ही सक्रिय होकर नुकसान पहुंचा सकती हैं।”
बजाज फाइनेंस (बीएफएल) के एक प्रवक्ता ने कहा, “हमारे ग्राहकों की वित्तीय सुरक्षा हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है। लोगों को साइबर ठगी से सुरक्षित रखने के लिए हम लगातार ऑनलाइन और ऑफलाइन जागरूकता अभियान चला रहे हैं। सोशल मीडिया के साथ-साथ जमीनी स्तर पर लोगों से सीधे संवाद कर उन्हें साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक और सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।”
साइबर अपराधी फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड, फर्जी नौकरी के ऑफर, नकली लोन योजनाएं, निवेश के नाम पर ठगी, फर्जी पहचान (इम्पर्सनेशन) और डिजिटल अरेस्ट जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
बजाज फाइनेंस लिमिटेड (बीएफएल) ने पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान देशभर में 100 से अधिक जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया। यह पहल एनबीएफसी (NBFC) के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के फ्रॉड रिस्क मैनेजमेंट दिशानिर्देशों के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य लोगों में डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इन कार्यक्रमों में फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, व्हाट्सएप ग्रुप, नकली वेबसाइटों और वित्तीय संस्थानों व उनके कर्मचारियों के नाम पर की जाने वाली धोखाधड़ी जैसे आम साइबर फ्रॉड के तरीकों के बारे में लोगों को जागरूक किया गया।

जबलपुर में साइबर धोखाधड़ी की 3,400 से अधिक शिकायतें दर्ज; ₹35 करोड़ का हुआ वित्तीय नुकसान: रिपोर्ट्स
जबलपुर में साइबर धोखाधड़ी की 3,400 से अधिक शिकायतें दर्ज; ₹35 करोड़ का हुआ वित्तीय नुकसान: रिपोर्ट्स


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *