सरकारी स्कूल केवल भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को साकार करने के केंद्र बनें- शिवराज सिंह चौहान
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को अपने संसदीय क्षेत्र रायसेन के दौरे पर रहे। इस दौरान शिवराज सिंह, शिक्षा और छात्र कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल हुए। रायसेन में आयोजित प्रेम सुंदर मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में केंद्रीय मंत्री ने कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉपर छात्र-छात्राओं को लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया और विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। दौरे के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन में सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण भी किया। वहीं छात्राओं की उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से शुरू की गई अजीम प्रेमजी फाउंडेशन गर्ल्स स्कॉलरशिप योजना के फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया में भी शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री ने इसके अलावा दिशा बैठक में शामिल होकर क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों और योजनाओं की समीक्षा की। मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, मुझे लगता है कि यह रिश्ता जन्म-जन्म का साथ है। मामा केवल कहने का मामा नहीं होता, मामा मतलब मां का आंचल और पिता का कंधा होता है। मेरे जीवन के सबसे ज्यादा खुशी के पल वही होते हैं, जब मेरे भांजे-भांजी मेरे साथ होते हैं।
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, हर बच्चे के भीतर अपार बुद्धि, प्रतिभा और आगे बढ़ने की क्षमता मौजूद है। बेटा हो या बेटी, कोई भी बच्चा कमजोर नहीं है। जरूरत केवल आत्मविश्वास, सही मार्गदर्शन और मन लगाकर पढ़ाई करने की है। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे कभी भी अपने मन में यह विचार न आने दें कि उनमें बुद्धि या क्षमता की कमी है। भगवान ने किसी को भी बुद्धि की कमी नहीं दी है और हर बच्चा जीवन में चमत्कार कर सकता है और देश-दुनिया के बड़े से बड़े पदों तक पहुंच सकता है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए मैंने अपने माता-पिता के नाम पर निर्णय लिया है कि 10वीं और 12वीं में अच्छे अंक लाने वाले विद्यार्थियों को हर साल लैपटॉप प्रदान किए जाएंगे, ताकि संसाधनों की कमी उनकी पढ़ाई के रास्ते में बाधा न बने। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों को आज लैपटॉप मिल रहा है, उन्हें बधाई, लेकिन जो बच्चे अभी इससे वंचित हैं, वे भी मेहनत करें और आगे बढ़ें। मामा हर बच्चे को प्रोत्साहित करेगा और मेहनत करने वालों के लिए आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लंबे समय से मेरे मन में यह विचार था कि सरकारी स्कूल भी हर दृष्टि से उत्कृष्ट क्यों नहीं हो सकते। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी निजी स्कूलों की तरह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ ऐसे स्कूलों की कल्पना की गई, जहां आधुनिक लैब, समृद्ध लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास, खेल मैदान, संगीत, नृत्य, पेंटिंग और खेलकूद सहित बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल केवल भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को साकार करने के केंद्र बनने चाहिए। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इसी संकल्प के साथ मध्यप्रदेश में सीएम राइज और सांदीपनि विद्यालयों की परिकल्पना को साकार किया गया। उन्होंने कहा कि रायसेन का सांदीपनि विद्यालय 38 करोड़ 38 लाख रुपए की लागत से तैयार हुआ है और आज यह स्कूल क्षेत्र के बच्चों के सामने आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का नया उदाहरण बनकर खड़ा है।
