सतना में कचरे से स्थानीय ऊर्जा जरूरतें पूरी करने की दिशा में बीपीसीएल की पहल
स्थानीय स्तर पर तैयार कम्प्रेस्ड बायोगैस से घरेलू, व्यावसायिक और वाहन उपभोक्ताओं की ऊर्जा जरूरतें हो रही पूरी
भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), एक फॉर्च्यून ग्लोबल 500 कंपनी और महारत्न सार्वजनिक उपक्रम, ने मध्य प्रदेश के सतना जिले में कचरे से स्वच्छ ऊर्जा तैयार कर उसका स्थानीय स्तर पर उपयोग करने की पहल की है। इस पहल के तहत कचरे से तैयार कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) का उपयोग घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पाइप के जरिए पहुंचने वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) तथा संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) से चलने वाले वाहनों की ऊर्जा जरूरतें पूरी करने के लिए किया जा रहा है।
यह पहल बीपीसीएल के ‘द गुड प्रिंट समाधान’ का हिस्सा है। इसका मकसद स्थानीय कचरे का उपयोग करके स्वच्छ ऊर्जा तैयार करना और उसी क्षेत्र में उसका इस्तेमाल करना है। सतना और आसपास के इलाकों से इकट्ठा किए गए कचरे से पहले बायोगैस बनाई जाती है। फिर इसे शुद्ध करके सीबीजी में बदला जाता है। इसके बाद तैयार सीबीजी को मौजूदा गैस पाइपलाइन और वितरण व्यवस्था के जरिए स्थानीय उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाता है।
इस तरह सतना में कचरे से ऊर्जा बनाने, उसे लोगों तक पहुंचाने और इस्तेमाल करने की पूरी व्यवस्था एक ही क्षेत्र में जुड़ गई है। यह मॉडल दिखाता है कि सीबीजी का इस्तेमाल सिर्फ वाहनों के ईंधन के लिए ही नहीं, बल्कि घरों और दुकानों व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की ऊर्जा जरूरतें पूरी करने के लिए भी किया जा सकता है। सतना में तैयार होने वाली नवीकरणीय गैस का इस्तेमाल घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पीएनजी के रूप में और सीएनजी वाहनों में किया जा रहा है। इससे मौजूदा गैस वितरण व्यवस्था के जरिए स्थानीय स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना आसान हुआ है।
बीपीसीएल देशभर में सीबीजी बनाने वाली कंपनियों के साथ साझेदारी और समझौते कर रही है। इसका उद्देश्य नवीकरणीय गैस की अच्छी और लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करना और सीबीजी को कंपनी के शहर गैस वितरण नेटवर्क से जोड़ना है। इससे सीबीजी उत्पादकों को मौजूदा गैस नेटवर्क के जरिए अलग-अलग उपभोक्ताओं तक गैस पहुंचाने में मदद मिलेगी और नवीकरणीय गैस का उपयोग भी बढ़ेगा। फिलहाल बीपीसीएल के देशभर के शहर गैस वितरण नेटवर्क में 7 प्रतिशत से अधिक सीबीजी मिलाया जा रहा है। आने वाले समय में नए सीबीजी संयंत्र शुरू होने और सीबीजी उत्पादकों की संख्या बढ़ने के साथ इसमें और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। सतना का मॉडल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जहां सीबीजी का उत्पादन और उसकी मांग दोनों को स्थानीय स्तर पर जोड़ा गया है।
‘द गुड प्रिंट समाधान’ के जरिए बीपीसीएल भारत में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। इस पहल के तहत स्थानीय कचरे का उपयोग करके ऊर्जा तैयार की जाती है और फिर उसी क्षेत्र में उसका इस्तेमाल किया जाता है। इससे कचरे का सही उपयोग करने, ऊर्जा बनाने और उसे लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था को एक साथ जोड़ा जा रहा है। सतना का यह मॉडल देश के दूसरे क्षेत्रों में भी अपनाया जा सकता है। इससे सीबीजी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्वच्छ, टिकाऊ और स्थानीय ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
बीपीसीएल आगे भी सीबीजी उत्पादकों के साथ साझेदारी बढ़ाएगी और अपने शहर गैस वितरण नेटवर्क में नवीकरणीय गैस के इस्तेमाल को बढ़ावा देगी। कंपनी ऐसे आसान और उपयोगी समाधान विकसित करने पर काम कर रही है, जिन्हें बड़े स्तर पर अपनाया जा सके और जो भारत को स्वच्छ व टिकाऊ ऊर्जा की ओर आगे बढ़ाने में मदद करें।
