मुंबई एयरपोर्ट पर गोल्ड स्मगलिंग का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार: 3.47 करोड़ रुपये का सोना जब्त
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (CSMIA) पर डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की मुंबई जोनल यूनिट ने एक संगठित गोल्ड स्मगलिंग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। अक्टूबर 2026 के मध्य में हुई इस कार्रवाई में 24 कैरेट के विदेशी मूल के सोने की 2.317 किलोग्राम छड़ें जब्त की गईं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 3.47 करोड़ रुपये है। मामले में दो यात्री, एक एयरपोर्ट कर्मचारी और दो रिसीवर समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई कस्टम्स एक्ट, 1962 के प्रावधानों के तहत हुई। DRI अधिकारियों ने बताया कि आगे की जांच जारी है और सिंडिकेट के बड़े नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास चल रहा है।
घटना का क्रम
DRI को विशिष्ट खुफिया जानकारी मिली थी कि दुबई से आने वाली एमिरेट्स फ्लाइट के जरिए सोना लाया जा रहा है। 19-20 अक्टूबर 2026 के दौरान अधिकारियों ने ऑपरेशन चलाया। दो यात्री टर्मिनल 2 पर उतरे और कस्टम्स ग्रीन चैनल से बिना किसी घोषणा के निकलने लगे। अधिकारियों ने उन्हें निकास द्वार के पास रोक लिया। पूछताछ में सामने आया कि उन्होंने सोने की छड़ें एयरपोर्ट स्टाफ मेंबर को सौंपी थीं। उसी समय पार्किंग एरिया में एक अन्य टीम ने दो लोगों को पकड़ा, जिनके पास पर्स में सोने की छड़ें मिलीं। एयरपोर्ट कर्मचारी का पता लगाने के बाद उसे उसके निवास स्थान पर गिरफ्तार किया गया। वित्त मंत्रालय के आधिकारिक खाते (@FinMinIndia) और एएनआई (@ANI) ने भी इस कार्रवाई की पुष्टि की। जब्त सोना 24 कैरेट शुद्धता का था और विदेशी मूल का बताया गया।
गिरफ्तारियां और आरोपियों की भूमिका
दो यात्री, जो दुबई से एमिरेट्स फ्लाइट से आए थे।
एक एयरपोर्ट स्टाफ मेंबर (तीसरे पक्ष की एजेंसी का कर्मचारी), जिसने यात्रियों से सोना लेकर एयरपोर्ट परिसर से बाहर निकाला।
दो रिसीवर/हैंडलर, जो पार्किंग एरिया में सोना लेने आए थे।
अधिकारियों के अनुसार यात्रियों ने सोना एयरब्रिज या निकास क्षेत्र के पास स्टाफ को सौंपा। स्टाफ ने उसे सुरक्षित तरीके से बाहर पहुंचाया और फिर रिसीवरों तक डिलीवर किया। सभी आरोपियों को कस्टम्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। कोर्ट में पेशी के बाद न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। DRI ने कहा कि प्रारंभिक जांच में आरोपियों की सोना छिपाने, ले जाने और डिलीवर करने में सक्रिय भूमिका सामने आई है। बड़े नेटवर्क और अन्य शामिल लोगों का पता लगाने के लिए पूछताछ जारी है।
मोडस ऑपरेंडी: कैसे काम कर रहा था सिंडिकेट
यह सिंडिकेट अच्छी तरह संगठित था। दुबई जैसे खाड़ी देशों से सोना लाया जाता है, जहां सोने की कीमतें और उपलब्धता अलग होती है। यात्री फ्लाइट में सोना छिपाकर लाते हैं और कस्टम्स चेक से बचने के लिए ग्रीन चैनल का इस्तेमाल करते हैं। एयरपोर्ट के अंदर स्टाफ की मदद से सोना परिसर से बाहर निकाला जाता है। स्टाफ अपनी आधिकारिक पहुंच का फायदा उठाकर सुरक्षा जांचों को बायपास करता है। बाहर पार्किंग या एग्जिट पॉइंट पर रिसीवर इंतजार करते हैं और सोना ले जाते हैं।
इस मामले में सोने की छड़ें (बार्स) इस्तेमाल की गईं। कई अन्य मामलों में सोने को पाउडर, वैक्स या कैप्सूल के रूप में छिपाया जाता है, लेकिन यहां सीधे छड़ें मिलीं। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे नेटवर्क अक्सर कई शहरों और देशों में फैले होते हैं और नियमित रूप से छोटे-छोटे शिपमेंट भेजते हैं ताकि ध्यान न जाए। मुंबई एयरपोर्ट पर गोल्ड स्मगलिंग के मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं क्योंकि यहां खाड़ी देशों से बड़ी संख्या में फ्लाइट्स आती हैं। स्टाफ की मिलीभगत वाले मामले सुरक्षा एजेंसियों के लिए विशेष चुनौती होते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और एजेंसियों की भूमिका
छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर CISF, कस्टम्स, एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) और DRI मिलकर सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। खुफिया जानकारी पर आधारित कार्रवाई इस बार सफल रही। CISF ने भी हाल ही में अलग घटनाओं में गोल्ड स्मगलिंग के प्रयास नाकाम किए हैं। एयरपोर्ट पर स्कैनिंग मशीनें, बॉडी स्कैनर, डॉग स्क्वॉड और निरंतर निगरानी बढ़ाई गई है। यात्रियों की घोषणा और ग्रीन/रेड चैनल की जांच सख्त की जा रही है। DRI का फोकस संगठित सिंडिकेट पर रहता है। वित्त मंत्रालय और गृह मंत्रालय दोनों स्तरों पर एयरपोर्ट सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्टाफ बैकग्राउंड चेक, रोटेशन और सीसीटीवी मॉनिटरिंग को और मजबूत करने की जरूरत है। नागरिकों और यात्रियों से अपील है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी अधिकारियों को दें। वैध तरीके से सोना लाने पर कस्टम्स ड्यूटी देनी पड़ती है, जबकि स्मगलिंग में भारी जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है।
आगे की जांच और प्रभाव
DRI ने स्पष्ट किया कि सिंडिकेट के अन्य सदस्यों, सोर्स और फाइनेंसिंग का पता लगाने के लिए जांच जारी है। जब्त सोने की वैल्यूएशन सरकारी मान्यता प्राप्त वैल्यूअर से करवाई गई। ऐसे मामलों से न सिर्फ राजस्व का नुकसान होता है बल्कि अवैध धन का प्रवाह भी बढ़ता है। सरकार लगातार गोल्ड स्मगलिंग के खिलाफ अभियान चला रही है। पिछले कुछ वर्षों में मुंबई सहित कई एयरपोर्ट्स पर बड़े-बड़े सीजर्स हुए हैं। यह कार्रवाई बताती है कि खुफिया तंत्र सक्रिय है। यात्री और स्टाफ दोनों की भूमिका सामने आने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
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पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ
भारत में सोने की मांग ऊंची है। त्योहारी सीजन में यह मांग और बढ़ जाती है। दुबई, बैंकॉक, सिंगापुर जैसे ट्रांजिट पॉइंट्स से सोना लाने के प्रयास आम हैं। एयरपोर्ट स्टाफ की मिलीभगत वाले मामले सुरक्षा की कमजोरी उजागर करते हैं, इसलिए एजेंसियां अब इनसाइड जॉब पर विशेष नजर रखती हैं। कस्टम्स एक्ट के तहत स्मगलिंग के आरोप में सजा और जुर्माना दोनों हो सकते हैं। आरोपी अगर दोषी पाए गए तो कानूनी कार्रवाई सख्त हो सकती है।
नागरिकों को सलाह है कि वे आधिकारिक चैनलों से ही जानकारी लें और अफवाहों से बचें। DRI, कस्टम्स और CISF की टीमों का यह प्रयास सराहनीय है जो समय पर खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हैं।






