BHOPAL

विद्यार्थियों ने कौशल प्रयोगशालाओं एवं लाइव स्किल डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से सीखे भविष्य के कौशल

Spread the love

कौशल, अनुशासन और नवाचार युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम और सशक्त बनाते हैं। केवल शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति ही सफलता का वास्तविक आधार है।

 यह विचार बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलपति प्रो. विवेक शर्मा ने पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान (पीएसएससीआईवीई), एनसीईआरटी, भोपाल में विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर आज (15 जुलाई ) को आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। "साझा भविष्य के लिए कौशल" विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में भोपाल के केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, एक्सीलेंस स्कूल, डेमोंस्ट्रेशन मल्टीपरपज स्कूल तथा मिठी गोबिंदराम पब्लिक स्कूल के 150 से अधिक विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने सहभागिता करते हुए भविष्य के रोजगारपरक कौशलों का व्यवहारिक अनुभव प्राप्त किया।

 कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डॉ. विद्या राकेश, निदेशक, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन ने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों को डिजाइन इन थिंकिंग, नवाचार, रचनात्मकता तथा समस्या-समाधान आधारित दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि भविष्य का कार्यक्षेत्र कौशल, सृजनात्मक सोच और तकनीकी दक्षता पर आधारित होगा। उन्होंने सरल उदाहरणों के माध्यम से डिजाइन की अवधारणा को स्पष्ट किया ।

 कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. दीपक पालीवाल ने स्वागत उद्बोधन में विश्व युवा कौशल दिवस की इस वर्ष की थीम "साझा भविष्य के लिए कौशल" तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के अनुरूप विद्यालयीन शिक्षा में कौशल की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पीएसएससीआईवीई विद्यालयीन व्यावसायिक शिक्षा, कौशल आधारित पाठ्यचर्या विकास, शिक्षक प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं नवाचार के माध्यम से देशभर में कौशल शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

    कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को संस्थान की विभिन्न कौशल प्रयोगशालाओं का भ्रमण कराया गया। "थ्री फॉर्म्स ऑफ वर्क" (लाइफ फॉर्म्स, मैटेरियल्स एंड मशीन्स तथा ह्यूमन सर्विसेज) की अवधारणा पर आधारित गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने किचन गार्डन, वर्मी कम्पोस्टिंग, फर्स्ट एड एवं सीपीआर, ब्लॉक प्रिंटिंग तथा 3-डी प्रिंटिंग जैसी गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में उन्होंने इन तकनीकों की कार्यप्रणाली को समझा।

 इस अवसर पर संस्थान द्वारा विकसित विश्व युवा कौशल दिवस की थीम तथा कौशल आधारित भारत के भविष्य पर आधारित प्रेरणादायक लघु वीडियो एवं प्रो. पंकज मेहता द्वारा तैयार डिजिटल पॉडकास्ट का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में प्रो. वी.एस. मेहरोत्रा ने प्रतिभागियों को कौशल विकास, सतत अधिगम, नवाचार तथा समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प दिलाया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *