मध्य भारत के सबसे कम वजन वाले शिशु का सफल ट्रांसकैथेटर पीडीए
एम्स भोपाल के चिकित्सकों ने जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित एक माह के 1.4 किलोग्राम वजन वाले शिशु का सफल ट्रांसकैथेटर पेटेंट डक्टस आर्टेरियोसस (पीडीए) डिवाइस क्लोजर से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह मध्य प्रदेश एवं मध्य भारत में सफल ट्रांसकैथेटर पीडीए डिवाइस क्लोज़र से गुजरने वाला सबसे कम वजन का शिशु है। पेटेंट डक्टस आर्टेरियोसस (पीडीए) एक जन्मजात हृदय रोग है, जिसमें जन्म के बाद स्वतः बंद हो जाने वाली रक्त वाहिका खुली रह जाती है। इससे फेफड़ों में अधिक रक्त प्रवाह होने लगता है और हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे शिशुओं को तेज सांस चलना, दूध पीने में कठिनाई, वजन न बढ़ना, बार-बार छाती में संक्रमण तथा समय पर उपचार न मिलने पर हृदय विफलता जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
यह अत्यंत जटिल प्रक्रिया इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. भूषण शाह के नेतृत्व में, कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुदेश प्रजापति, पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अंबर कुमार तथा वरिष्ठ एनेस्थीसिया टीम के सहयोग से सामान्य एनेस्थीसिया के तहत की गई। शिशु को कैथेटराइजेशन प्रयोगशाला में ही वेंटिलेटर से हटा दिया गया और कुछ ही समय बाद उसने सामान्य रूप से स्तनपान शुरू कर दिया।
इस उपलब्धि के साथ एम्स भोपाल ने अत्याधुनिक हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी अग्रणी पहचान को और मजबूत किया है। संस्थान में अत्यंत कम वजन वाले जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित नवजात शिशुओं से लेकर वयस्क मरीजों तक जटिल कोरोनरी इंटरवेंशन और स्ट्रक्चरल हार्ट प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक की जा रही हैं। एम्स भोपाल मध्यप्रदेश और पूरे मध्य भारत के मरीजों को अत्याधुनिक हृदय उपचार उपलब्ध कराता रहा है।
